VIRAT KOHLI STRUGGLE STORY 

VIRAT KOHLI STRUGGLE STORY

VIRAT KOHLI STRUGGLE STORY

विराट कोहली का जन्म 5 नवंबर नानावटी ने टी 1 में दिल्ली के एक पंजाबी परिवार में हुआ। विराट के पापा प्रेम कोली एक क्रिमिनल लॉयर थे और वहीं उनकी मां सरोज कोली एक हाउसवाइफ।

फ्रैंड तीन भाई बहनों में सबसे छोटे थे और तीनों में ही विराट अपने पापा के सबसे ज्यादा करीब थे।

जब विराट 3 साल के थे तब वो अपना बैट उठाते थे और अपने पापा को बोलते थे कि उन्होंने बॉल डाली। विराट की पढ़ाई विशाल भारती पब्लिक स्कूल डेली से हुई जब विराट 9 साल के हुए तब इंडिया का क्रिकेट मैच देख रहे थे और उस टाइम के मैच में सचिन की यादगार पारी को देखकर विराट बहुत मोटिवेट हुए। फिर उसी साल वेस्ट दिल्ली क्रिकेट अकादमी भी बनी जो उनके घर के काफी करीब थी तो विराट के पापा विराट को उस अकैडमी में ले गए और लकी ली। वहां विराट का सलेक्शन हो गया।

और कुछ टाइम बाद विराट के पापा ने सपोर्ट करते हुए विराट को स्वीट डोगरा अकैडमी भी ज्वाइन करा दी। अब इस टाइम के आते आते विराट क्रिकेट के लिए थोड़ी सीरियस हो गए थे। जब विराट नाइंथ क्लास में आए तो उनकी फैमिली ने उन्हें सेवियर कॉन्वेंट स्कूल में डाल दिया ताकि विराट की क्रिकेट टेस्ट में हेल्प हो सके। 13 साल की उम्र में वो पहली बार दिल्ली की अंडर फिट टीम की टीम की तरफ से खेले।

उस टूर्नामेंट में विराट को हाइएस्ट ट्रांसपोर्ट का अवॉर्ड भी मिला और ये अवॉर्ड और किसी ने नहीं बल्कि खुद आशीष नेहरा ने विराट को दिया। फिर करीब 18 साल की उम्र में विराट भंडारनायके पूर्व इंग्लैंड के लिए सलेक्ट टू में चापर इंडियन टीम ने सीरीज भेजी थी। विराट ने फिर फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया जहां डेलीगेट टीम से खेले थे।

पर अपने पहले मैच में वो सिर्फ 10 रन बनाकर आउट हुए। अब इस टीम पे आकर उनके पापा की तबियत थोड़ी खराब होने लगी और वो डेली के हॉस्पिटल में एडमिट हो गए और उन्हीं दिनों में विराट एक फोड़े टेस्ट मैच का हिस्सा बने हुए थे। जब विराट बिना आउट हुए क्रीज पर डटे रहे। उसी रात 3 बजे विराट के पापा को ब्रेन स्ट्रोक हुआ जिसकी वजह से उनकी डेथ हो गई।

फिर उसी सुबह विराट वापस मैदान पर लौटे और उस मैच में करीब 90 रन बनाए। इस मैच के तुरंत बाद विराट अपने पापा के फ्यूनरल के लिए गए। विराट की जिंदगी का सबसे मुश्किल समय था। फिर 2008 में विराट ने इंडिया की अंडर नाइन टीम पीके टीम को अपनी कैप्टन शिप में वर्ल्ड कप जिताया। फिर उसी साल विराट को रॉयल चैलेंजर बैंगलोर ने 20 लाख रुपए में यूथ कॉन्ट्रैक्ट पर खरीद लिया।

आईपीएल में अच्छी परफॉर्मेंस के बाद विराट को ओडीआई की मूवी सेलेक्ट कर लिया गया। अपने पहले इंटरनैशनल मैच में विराट सिर्फ 12 रन बनाकर आउट हुए। विराट की गंदी परफॉर्मेंस के कारण विराट को इंडियन टीम से भी ड्रॉप कर दिया गया। अब ये विराट के लिए काफी मुश्किल समय आ गया था पर फिर विराट की जिंदगी में एक मोड़ आया। विराट को फोन टीम इमर्जिंग प्लेयर टूर्नामेंट में सलेक्ट कर लिया गया जो कि उस टीम के आस्ट्रेलिया में होना था।

और इस टूर्नामेंट में लकी रही विराट हाईएस्ट रन स्कोरर बनी जिसके बाद विराट को इंडियन टीम में फिर से लिया गया। एक वो दिन था और एक आज का दिन था। विराट ने इंडिया के लिए इतने कंसिस्टेंसी परफॉर्म किया है। जिसका कोई जवाब नहीं है। विराट के नाम काफी रिकॉर्ड्स भी हैं।

जैसे फास्टेस्ट राजस्थान जनरल स्कोरर विराट अपने सक्सेस का सारा क्रेडिट अपने पिता प्रेम कोली को देते हैं जिन्होंने विराट को इतना ज्यादा सपोर्ट किया क्रिकट के लिए।

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